पंचांग तैयार हो रहा है…
पंचांग क्या बताता है?
पंचांग कोई जटिल किताब नहीं — ये पाँच बातें हैं जो पुराने समय से घर-घर में सुबह पूछी जाती थीं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। हमने उसी को आसान कार्ड में रख दिया है।
तिथि
चाँद की अवस्था — शुक्ल बढ़ता है, कृष्ण घटता है।
नक्षत्र
जहाँ चाँद उस दिन ठहरता है — नाम में ही कहानी बसती है।
राहुकाल
दिन की वो घड़ी जहाँ नए काम शुरू करने से बचने की सलाह है।
अभिजित
दोपहर का छोटा सा शुभ समय — पूजा या महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए।
आसपास के पर्व
- रक्षाबंधनश्रावण पूर्णिमा · भाई-बहन का बंधन
- जन्माष्टमीकृष्ण जन्मोत्सव · भजन और उपवास
- गणेश चतुर्थीविनायक की स्थापना · घर में मिष्ठान
- नवरात्रि · दशहराशक्ति की आराधना · बुराई पर जीत
- दीपावलीदीपों का त्योहार · लक्ष्मी पूजन
- मकर संक्रांतिसूर्य का उत्तरायण · तिल-गुड़
एक छोटी बात
यहाँ दिखाया गया पंचांग MVP के लिए तैयार है — भाषा घरेलू है, आँकड़े नमूना/अनुमानित हैं (नई दिल्ली आधार)। जल्द असली खगोलीय स्रोत जुड़ेंगे।